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मोतिहारी डीएम का बड़ा एक्शन, भूमि परिमार्जन में गड़बड़ी के आरोप में राजस्व कर्मचारी सस्पेंड

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पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में भूमि परिमार्जन मामलों में अनियमितता पाए जाने पर डीएम ने सदर अंचल के राजस्व कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

मोतिहारी/आलम की खबर:पूर्वी चंपारण जिले में सरकारी कार्यों में लापरवाही और भूमि संबंधी मामलों में अनियमितता के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मोतिहारी सदर अंचल में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी कृष्णा कुमार श्रीवास्तव को जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अंचल कार्यालयों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

जिलाधिकारी की ओर से की गई जांच में भूमि परिमार्जन पोर्टल से जुड़े तीन मामलों में गंभीर अनियमितताओं की बात सामने आई है। जांच के दौरान प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि संबंधित राजस्व कर्मचारी ने नियमों की अनदेखी करते हुए ऐसे मामलों में अनुशंसा की, जिनमें कई महत्वपूर्ण तथ्यों की अनदेखी की गई थी।

प्रशासन के अनुसार, जांच में कर्तव्य के प्रति लापरवाही, अनुशासनहीनता और संदिग्ध कार्यशैली के संकेत मिले हैं। इसके बाद जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निलंबन की कार्रवाई की।

भूमि परिमार्जन मामलों की जांच में मिली गड़बड़ी

जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी के निर्देश पर भूमि परिमार्जन से जुड़े कई आवेदनों की जांच की गई थी। जांच के दौरान आवेदन संख्या 260274934263404, 250238472752297 और 250289322751071 की समीक्षा की गई।

जांच रिपोर्ट में बताया गया कि इन मामलों में भू-हदबंदी रोक सूची से जुड़े तथ्यों की मौजूदगी के बावजूद परिमार्जन की अनुशंसा की गई। प्रशासन का मानना है कि ऐसे मामलों में नियमों का पालन करना जरूरी था, लेकिन संबंधित कर्मचारी की ओर से प्रक्रिया में गंभीर चूक हुई।

जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने माना कि राजस्व कर्मचारी की अनुशंसा से सरकारी प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं। इसी आधार पर प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के बाद कार्रवाई की गई।

हाईकोर्ट के आदेश की भी हुई समीक्षा

प्रशासनिक जांच के दौरान पटना हाईकोर्ट में दायर सीडब्ल्यूजेसी संख्या 13711/2024 में पारित आदेश का भी उल्लेख किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, 16 मई 2025 को इस मामले में आदेश जारी किया गया था।

जांच अधिकारियों ने माना कि संबंधित मामलों में न्यायालय के आदेश और सरकारी निर्देशों को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जानी चाहिए थी। लेकिन राजस्व कर्मचारी की ओर से की गई अनुशंसा पर सवाल उठे।

डीएम ने माना कि सरकारी नियमों और प्रक्रिया का पालन करना प्रत्येक सरकारी कर्मचारी की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही प्रशासन बर्दाश्त नहीं करेगा।

सरकारी नियमों के उल्लंघन का आरोप

जिलाधिकारी के आदेश में कहा गया है कि गलत तथ्यों के आधार पर परिमार्जन की अनुशंसा करना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3(1) के विपरीत है। साथ ही प्रशासन ने इसे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की भावना के भी खिलाफ बताया है।

प्रशासन का कहना है कि सरकारी पद पर रहते हुए किसी भी कर्मचारी से निष्पक्ष और नियमों के अनुसार काम करने की उम्मीद की जाती है। अगर कोई कर्मचारी नियमों की अनदेखी करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

निलंबन अवधि में अरेराज होगा मुख्यालय

जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार, राजस्व कर्मचारी कृष्णा कुमार श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय अंचल कार्यालय अरेराज निर्धारित किया गया है।

हालांकि नियमों के अनुसार उन्हें जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। यह सुविधा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के प्रावधानों के तहत उपलब्ध होगी।

15 दिनों में विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव

जिलाधिकारी ने मोतिहारी सदर अंचलाधिकारी को निर्देश दिया है कि संबंधित कर्मचारी के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर 15 दिनों के भीतर विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा जाए।

प्रशासन ने संकेत दिया है कि जांच में यदि और तथ्य सामने आते हैं तो आगे भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अंचल कार्यालयों में बढ़ी सतर्कता

मोतिहारी में हुई इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य अंचल कार्यालयों में भी सतर्कता बढ़ गई है। भूमि से जुड़े मामलों में काम करने वाले कर्मचारियों को अब रिकॉर्ड, जांच प्रक्रिया और सरकारी नियमों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

भूमि विवाद और परिमार्जन से जुड़े मामलों में आम लोगों की शिकायतें अक्सर सामने आती रहती हैं। ऐसे में जिला प्रशासन की कार्रवाई से लोगों को उम्मीद है कि सरकारी प्रक्रियाओं में सुधार आएगा और गलत तरीके से किए जाने वाले कार्यों पर रोक लगेगी।

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बिहार में जमीन से जुड़े मामलों पर प्रशासन की सख्ती

भूमि से जुड़े मामले आम लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। जमीन के रिकॉर्ड, परिमार्जन और राजस्व संबंधी कार्यों में छोटी सी गलती भी लोगों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है। ऐसे में सरकारी कर्मचारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

मोतिहारी में हुई कार्रवाई यह संदेश देती है कि प्रशासनिक व्यवस्था में लापरवाही और नियमों की अनदेखी को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होना जरूरी है ताकि सरकारी व्यवस्था में लोगों का भरोसा बना रहे।

अब जरूरत है कि भूमि संबंधी कार्यों में तकनीक और पारदर्शिता को और मजबूत किया जाए, जिससे आम लोगों को समय पर सही सुविधा मिल सके।

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